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Bcci May Ask Explanation From Wriddhiman Saha On Comment On Sourav Ganguly And Rahul Dravid – Wriddhiman Saha Controversy: गांगुली और द्रविड़ के खिलाफ बोलकर बुरे फंसे साहा, बीसीसीआई मांग सकता है जवाब

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स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Fri, 25 Feb 2022 10:44 AM IST

सार

साहा ने कहा था कि गांगुली ने उन्हें टीम में रखने का भरोसा दिया था, जबकि द्रविड़ ने उन्हें संन्यास लेने की सलाह दी थी। इसके बाद बीसीसीआई साहा से इस मामले पर जवाब मांग सकता है। 

सौरव गांगुली, ऋद्धिमान साहा और राहुल द्रविड़

सौरव गांगुली, ऋद्धिमान साहा और राहुल द्रविड़
– फोटो : सोशल मीडिया

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भारतीय क्रिकेट बोर्ड दिग्गज विकेटकीपर ऋद्धिमान साहा से गांगुली और द्रविड़ को लेकर टिप्पणी पर जवाब मांग सकता है। श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम में न चुने जाने के बाद साहा ने कोच द्रविड़ और बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि गांगुली ने उनसे वादा किया था कि उन्हें टीम से बाहर नहीं किया जाएगा। वहीं द्रविड़ ने उन्हें संन्यास लेने की सलाह दी थी। बोर्ड के अनुसार साहा ने द्रविड़ और गांगुली पर निशाना साधकर बीसीसीआई केन्द्रीय अनुबंध के नियमों का उल्लंघन किया है। 

साहा के पास बीसीसीआई ग्रुप बी का अनुबंध है। इस आधार पर उन्हें सालाना तीन करोड़ रुपये मिलते हैं। साहा ने अपने कोच और बोर्ड अध्यक्ष के खिलाफ टिप्पणी करके क्लॉज 6.3 का उल्लंघन किया है। 

क्या है बीसीसीआई का नियम?
बीसीसीआई के नियम के अनुसार खिलाड़ी खेल, अधिकारी, मैच के दौरान हुई किसी घटना, तकनीक के उपयोग, खिलाड़ियों के चयन या फिर किसी दूसरे मामले पर मीडिया में जाकर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे, जो बीसीसीआई के खिलाफ हो या क्रिकेट के खेल का विरोध करती हो। साहा ने अपने कोच और बोर्ड के अध्यक्ष के खिलाफ ही टिप्पणी की है। उन्होंने मीडिया में अपने चयन को लेकर कोच द्रविड़, चयन समिति के अध्यक्ष चेतन शर्मा और बोर्ड के अध्यक्ष गांगुली के खिलाफ टिप्पणी की है। 

बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष अरुण धूमल ने पीटीआई से बातचीत में कहा कि पूरी संभावना है कि बीसीसीआई साहा से यह पूछ सकता है कि केन्द्रीय अनुबंध का खिलाड़ी होने के बावजूद उन्होंने चयन से जुड़े मामले पर कैसे टिप्पणी की। जहां तक गांगुली का सवाल है उन्होंने साहा का आत्मविश्वास बढ़ाने की कोशिश की थी। ऐसे में बीसीसीआई साहा से पूछ सकता है कि उन्होंने ड्रेसिंग रूम की निजी बातचीत को सार्वजनिक क्यों किया। इस मामले पर अब तक कुछ तय नहीं हुआ है, लेकिन आने वाले समय में जल्द ही कोई फैसला होगा। 

द्रविड़ के खिलाफ साहा को नहीं बोलना था
बीसीसीआई के कई अधिकारियों का मानना है कि साहा को द्रविड़ के खिलाफ टिप्पणी नहीं करनी थी। इस मामले पर द्रविड़ ने कहा था कि वे साहा की बात से दुखी नहीं हैं, बल्कि वे स्पष्ट तौर पर साहा को उनके भविष्य को लेकर बताना चाहते थे। विकेटकीपर के रूप में पंत टीम की पहली पसंद हैं और उनके विकल्प के रूप में किसी युवा कीपर को तैयार किया जाएगा। यह एक निजी बातचीत थी और यदि साहा को इससे दुख भी हुआ था तब भी उन्हें चुप रहना था। सहा की टिप्पणी के बाद द्रविड़ की छवि को नुकसान हुआ है। 

लगातार विवादों में रहे हैं साहा
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम का एलान होने के बाद साहा लगातार विवादों में रहे हैं। पहले उन्होंने द्रविड़ और गांगुली के खिलाफ बयान दिया। इसके बाद एक पत्रकार ने उनसे इंटरव्यू के लिए कहा। साहा के जवाब न देने पर पत्रकार ने धमकी भरे अंदाज में कभी उनका इंटरव्यू न लेने की बात कही थी। इसके बाद साहा ने इस चैट के स्क्रीनशॉट भी सोशल मीडिया पर शेयर किए थे और बीसीसीआई उनके समर्थन में उतरा था। 

विस्तार

भारतीय क्रिकेट बोर्ड दिग्गज विकेटकीपर ऋद्धिमान साहा से गांगुली और द्रविड़ को लेकर टिप्पणी पर जवाब मांग सकता है। श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम में न चुने जाने के बाद साहा ने कोच द्रविड़ और बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि गांगुली ने उनसे वादा किया था कि उन्हें टीम से बाहर नहीं किया जाएगा। वहीं द्रविड़ ने उन्हें संन्यास लेने की सलाह दी थी। बोर्ड के अनुसार साहा ने द्रविड़ और गांगुली पर निशाना साधकर बीसीसीआई केन्द्रीय अनुबंध के नियमों का उल्लंघन किया है। 

साहा के पास बीसीसीआई ग्रुप बी का अनुबंध है। इस आधार पर उन्हें सालाना तीन करोड़ रुपये मिलते हैं। साहा ने अपने कोच और बोर्ड अध्यक्ष के खिलाफ टिप्पणी करके क्लॉज 6.3 का उल्लंघन किया है। 

क्या है बीसीसीआई का नियम?

बीसीसीआई के नियम के अनुसार खिलाड़ी खेल, अधिकारी, मैच के दौरान हुई किसी घटना, तकनीक के उपयोग, खिलाड़ियों के चयन या फिर किसी दूसरे मामले पर मीडिया में जाकर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे, जो बीसीसीआई के खिलाफ हो या क्रिकेट के खेल का विरोध करती हो। साहा ने अपने कोच और बोर्ड के अध्यक्ष के खिलाफ ही टिप्पणी की है। उन्होंने मीडिया में अपने चयन को लेकर कोच द्रविड़, चयन समिति के अध्यक्ष चेतन शर्मा और बोर्ड के अध्यक्ष गांगुली के खिलाफ टिप्पणी की है। 

बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष अरुण धूमल ने पीटीआई से बातचीत में कहा कि पूरी संभावना है कि बीसीसीआई साहा से यह पूछ सकता है कि केन्द्रीय अनुबंध का खिलाड़ी होने के बावजूद उन्होंने चयन से जुड़े मामले पर कैसे टिप्पणी की। जहां तक गांगुली का सवाल है उन्होंने साहा का आत्मविश्वास बढ़ाने की कोशिश की थी। ऐसे में बीसीसीआई साहा से पूछ सकता है कि उन्होंने ड्रेसिंग रूम की निजी बातचीत को सार्वजनिक क्यों किया। इस मामले पर अब तक कुछ तय नहीं हुआ है, लेकिन आने वाले समय में जल्द ही कोई फैसला होगा। 

द्रविड़ के खिलाफ साहा को नहीं बोलना था

बीसीसीआई के कई अधिकारियों का मानना है कि साहा को द्रविड़ के खिलाफ टिप्पणी नहीं करनी थी। इस मामले पर द्रविड़ ने कहा था कि वे साहा की बात से दुखी नहीं हैं, बल्कि वे स्पष्ट तौर पर साहा को उनके भविष्य को लेकर बताना चाहते थे। विकेटकीपर के रूप में पंत टीम की पहली पसंद हैं और उनके विकल्प के रूप में किसी युवा कीपर को तैयार किया जाएगा। यह एक निजी बातचीत थी और यदि साहा को इससे दुख भी हुआ था तब भी उन्हें चुप रहना था। सहा की टिप्पणी के बाद द्रविड़ की छवि को नुकसान हुआ है। 

लगातार विवादों में रहे हैं साहा

श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम का एलान होने के बाद साहा लगातार विवादों में रहे हैं। पहले उन्होंने द्रविड़ और गांगुली के खिलाफ बयान दिया। इसके बाद एक पत्रकार ने उनसे इंटरव्यू के लिए कहा। साहा के जवाब न देने पर पत्रकार ने धमकी भरे अंदाज में कभी उनका इंटरव्यू न लेने की बात कही थी। इसके बाद साहा ने इस चैट के स्क्रीनशॉट भी सोशल मीडिया पर शेयर किए थे और बीसीसीआई उनके समर्थन में उतरा था। 



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