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Hearing On Ram Rahim’s Petition Against Furlough Today, The Government Will Hand Over The Documents Related To Furlough – चंडीगढ़ : राम रहीम की फरलो के खिलाफ याचिका पर सुनवाई आज, सरकार सौंपेगी दस्तावेज

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अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Wed, 23 Feb 2022 03:59 AM IST

सार

जवाब के साथ ही वह दस्तावेज भी सौंपे जाने हैं जिनके आधार पर राम रहीम को फरलो देने का निर्णय लिया गया था। इनमें सीआईडी के एडीजीपी द्वारा रोहतक डिवीजन के आयुक्त को लिखा पत्र भी शामिल है जिसमें राम रहीम को रिहाई के दिन से जेड प्लस सुरक्षा देने की बात कही गई थी।
 

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साध्वी यौन शोषण और हत्या के मामले में जेल काट रहे राम रहीम को फरलो के मामले में हरियाणा सरकार आज हाईकोर्ट में अपना जवाब सौंपेगी। जवाब के साथ ही वह दस्तावेज भी सौंपे जाने हैं जिनके आधार पर राम रहीम को फरलो देने का निर्णय लिया गया था। इनमें सीआईडी के एडीजीपी द्वारा रोहतक डिवीजन के आयुक्त को लिखा पत्र भी शामिल है जिसमें राम रहीम को रिहाई के दिन से जेड प्लस सुरक्षा देने की बात कही गई थी।

पंजाब के समाना से निर्दलिय उम्मीदवार परमजीत सिंह सोहाली ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए हरियाणा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। याची ने कहा कि पंजाब में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राम रहीम को राजनीतिक लाभ लेने के लिए फरलो दी गई है। याची ने कहा कि राम रहीम का पंजाब की कई सीटों पर गहरा प्रभाव है और ऐसे में उसकी फरलो से पंजाब में शांति भंग हो सकती है।

राम रहीम को जब सजा सुनाई गई थी तब भी पंचकूला में भारी हिंसा हुई थी। ऐसे में हरियाणा सरकार का यह निर्णय पूरी तरह से गलत है। दुष्कर्म व हत्या जैसे संगीन मामले में दोषी होने के चलते हरियाणा गुड कंडक्ट प्रिजनर्स अधिनियम के तहत उसे फरलो का अधिकार नहीं है। सोमवार को कोर्ट का समय पूरा हो जाने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी थी। आज सरकार को पूरा रिकार्ड कोर्ट में पेश करना है।

इससे पहले हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर पूछा था कि क्यों न फरलो के आदेश पर रोक लगा दी जाए। राम रहीम की फरलो 27 फरवरी को खत्म होने जा रही है। ऐसे में हाईकोर्ट में बुधवार को होने वाली सुनवाई बेहद अहम है। देखना होगा कि हरियाणा सरकार द्वारा सौंपे गए दस्तावेज हाईकोर्ट को संतुष्ट कर पाएंगे या नहीं। साथ ही सरकार की यह दलील कितनी ठहर पाएगी कि राम रहीम सीधे तौर पर हत्या का दोषी नहीं है और उसे हार्डकोर क्रिमिनल नहीं कहा जा सकता।

विस्तार

साध्वी यौन शोषण और हत्या के मामले में जेल काट रहे राम रहीम को फरलो के मामले में हरियाणा सरकार आज हाईकोर्ट में अपना जवाब सौंपेगी। जवाब के साथ ही वह दस्तावेज भी सौंपे जाने हैं जिनके आधार पर राम रहीम को फरलो देने का निर्णय लिया गया था। इनमें सीआईडी के एडीजीपी द्वारा रोहतक डिवीजन के आयुक्त को लिखा पत्र भी शामिल है जिसमें राम रहीम को रिहाई के दिन से जेड प्लस सुरक्षा देने की बात कही गई थी।

पंजाब के समाना से निर्दलिय उम्मीदवार परमजीत सिंह सोहाली ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए हरियाणा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। याची ने कहा कि पंजाब में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राम रहीम को राजनीतिक लाभ लेने के लिए फरलो दी गई है। याची ने कहा कि राम रहीम का पंजाब की कई सीटों पर गहरा प्रभाव है और ऐसे में उसकी फरलो से पंजाब में शांति भंग हो सकती है।

राम रहीम को जब सजा सुनाई गई थी तब भी पंचकूला में भारी हिंसा हुई थी। ऐसे में हरियाणा सरकार का यह निर्णय पूरी तरह से गलत है। दुष्कर्म व हत्या जैसे संगीन मामले में दोषी होने के चलते हरियाणा गुड कंडक्ट प्रिजनर्स अधिनियम के तहत उसे फरलो का अधिकार नहीं है। सोमवार को कोर्ट का समय पूरा हो जाने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी थी। आज सरकार को पूरा रिकार्ड कोर्ट में पेश करना है।

इससे पहले हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर पूछा था कि क्यों न फरलो के आदेश पर रोक लगा दी जाए। राम रहीम की फरलो 27 फरवरी को खत्म होने जा रही है। ऐसे में हाईकोर्ट में बुधवार को होने वाली सुनवाई बेहद अहम है। देखना होगा कि हरियाणा सरकार द्वारा सौंपे गए दस्तावेज हाईकोर्ट को संतुष्ट कर पाएंगे या नहीं। साथ ही सरकार की यह दलील कितनी ठहर पाएगी कि राम रहीम सीधे तौर पर हत्या का दोषी नहीं है और उसे हार्डकोर क्रिमिनल नहीं कहा जा सकता।



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