Mostly Direct Collision In The Sixth Phase, Even Triangular, Rebels Also Showed Tremendous Presence, Can Spoil The Equations Of Many Veterans - यूपी का रण : छठे चरण में ज्यादातर सीधी टक्कर, कहीं त्रिकोणीय भी, बागी बिगाड़ सकते हैं कई दिग्गजों के समीकरण - News Box India
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Mostly Direct Collision In The Sixth Phase, Even Triangular, Rebels Also Showed Tremendous Presence, Can Spoil The Equations Of Many Veterans – यूपी का रण : छठे चरण में ज्यादातर सीधी टक्कर, कहीं त्रिकोणीय भी, बागी बिगाड़ सकते हैं कई दिग्गजों के समीकरण

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चुनावी चक्रव्यूह के छठे द्वार पर भी तीखी जंग  हुई। कहीं आमने-सामने की लड़ाई रही, कहीं तीन तरफ से हमला हुआ तो कुछेक जगह चौतरफा हमला हुआ। इस चरण के बड़े परीक्षार्थी रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मंत्री जय प्रताप, पलटूराम, नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी, पूर्व मंत्री लालजी वर्मा, रामअचल राजभर, अजय कुमार लल्लू और स्वामी प्रसाद मौर्य। जनता ने सबके प्रदर्शन को देखा, परखा…। पर, अंक दिया अपने भरोसे की कसौटी पर कसकर। हालांकि, भरोसे का पैमाना अलग-अलग रहा। जिन 57 सीटों पर चुनाव हुआ है, उनमें से ज्यादातर पर भाजपा-सपा में सीधी लड़ाई हुई है। कई सीटों पर बसपा व कांग्रेस के प्रत्याशियों ने मुकाबले को त्रिकोणीय बनाया। बागियों व निर्दलीयों ने कुछेक जगह कड़ी टक्कर देकर चुनाव को बहुकोणीय बना दिया।  चुनाव में कहां कैसे बने-बिगड़े समीकरण बता रहे हैं महेंद्र तिवारी और संतोष सिंह

बलरामपुर, गोरखपुर व सिद्धार्थनगर से लेकर बलिया तक तक कई सीटों पर बागी चुनाव पर असर डालते नजर आए हैं। गोरखपुर शहर अपना मुख्यमंत्री फिर बनाने को ध्यान में रखकर वोट करता दिखा। तो, गोरखपुर के चर्चित चिल्लूपार क्षेत्र में मतदान से पहले की रात में ‘ब्राह्मण नहीं परशुराम चाहिए’ की बिसात का असर वोटिंग के दौरान कई इलाकों में नजर आया। अंबेडकरनगर में बड़े नेताओं के अलग होने के बाद भी बसपा अपना आधार वोट बैंक सहेजे हुए दिखी। तो, बलरामपुर के उतरौला में सपा के एक पूर्व विधायक की कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन की चर्चा का वोटिंग में कई जगह पर असर दिखा। गोरखपुर की चौरी-चौरा, बलरामपुर की तुलसीपुर व बलिया की बैरिया सीट पर बागियों का तगड़ा असर दिखा। पिछले पांच चरणों की तरह बृहस्पतिवार के मतदान में भी मुस्लिम व यादवों की तगड़ी एकजुटता दिखी। तो, मुफ्त राशन, राम मंदिर व बेहतर कानून-व्यवस्था के साथ पूर्वांचल में हुए काम भी वोटर गिनाते नजर आए हैं। जगह-जगह मतदाताओं का जातीय हिसाब से भी झुकाव दिखा। छठे चरण के मतदान के साथ ही विधानसभा की 349 सीटों पर चुनाव संपन्न हो गया। आखिरी व सातवें चरण में 54 सीटों के लिए 7 मार्च को मतदान होगा।

गोरखपुर : योगी का पलड़ा भारी दिखा
गोरखपुर शहर में भाजपा प्रत्याशी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सपा प्रत्याशी सुभावती शुक्ला के बीच लड़ाई नजर आई। कई क्षेत्रों में मतदाता यहां पूर्वांचल के लिए फिर मुख्यमंत्री के लिए मतदान करते दिखे। शहर सीट पर योगी का पलड़ा भारी नजर आया। यहां आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद भी थे। उनका खास असर नहीं दिखा। गोरखपुर ग्रामीण में भाजपा विधायक विपिन सिंह और सपा के विजय बहादुर यादव के बीच तगड़ा मुकाबला है। निषाद मतों का बिखराव हुआ है। बसपा प्रत्याशी दारा सिंह निषाद मुकाबले को त्रिकोणीय बनाते नजर आए।
n चौरी-चौरा में भाजपा के बागी व निर्दलीय अजय सिंह टप्पू भाजपा प्रत्याशी सरवन निषाद का समीकरण बिगाड़ते दिखे। सरवन निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ संजय निषाद के बेटे हैं। यहां सपा के कैप्टन बृजेश चंद्र लाल व बसपा के वीरेंद्र पांडेय ने चुनाव को चतुष्कोणीय बना दिया है। पिपराइच में भाजपा विधायक महेंद्र पाल सिंह, सपा प्रत्याशी अमरेंद्र निषाद व बसपा के दीपक अग्रवाल के बीच त्रिकोणीय लड़ाई नजर आई। यहां लगातार तीन बार निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव जीते पूर्व विधायक जितेंद्र जायसवाल पप्पू का भाजपा प्रत्याशी को दिए गए समर्थन का भी असर नजर आया। सहजनवां में भाजपा के प्रदीप शुक्ला, सपा के यशपाल रावत व बसपा के सुधीर सिंह के बीच त्रिकोणीय लड़ाई नजर आई। यहां सैंथवार व ब्राह्मण मतदाताओं का झुकाव भाजपा की ओर दिखा। दूसरा, कांग्रेस के मनोज यादव भी कई क्षेत्रों में समीकरण बनाते दिखे। वह सपा छोड़ कांग्रेस से मैदान में आए हैं।

बांसगांव (सु.) सीट पर भाजपा के डॉ. विमलेश पासवान, सपा के  डॉ. संजय कुमार और बसपा के रामनयन आजाद के बीच त्रिकोणीय लड़ाई दिखी। खजनी (सु.) में योगी सरकार में मंत्री श्रीराम चौहान को बसपा के विद्यासागर व सपा की रूपावती बेलदार से चुनौती मिली। पर, यहां अनुसूचित जाति के कुछ मतदाताओं का झुकाव भाजपा की तरफ दिखा। चिल्लूपार में सपा प्रत्याशी विनय शंकर तिवारी को भाजपा के राजेश त्रिपाठी से कड़ी टक्कर मिली है। बसपा से राजेंद्र सिंह पहलवान काडर वोट मजबूती से सहेजते नजर आए। यहां ब्राह्मण वोट बैंक में बिखराव जरूर हुआ, लेकिन कई इलाकों में ब्राह्मण नहीं परशुराम का फैक्टर भी देखने को मिला। कैंपियरगंज में भाजपा से पूर्व मंत्री फतेहबहादुर सिंह को सपा की काजल निषाद से कड़ी चुनौती मिली है।

बलरामपुर : हर जगह त्रिकोणीय लड़ाई
बलरामपुर (सु.) सीट पर भाजपा से राज्यमंत्री पलटूराम व सपा से पूर्व विधायक जगराम पासवान के बीच आमने-सामने की लड़ाई नजर आई। तुलसीपुर में भाजपा विधायक कैलाश नाथ शुक्ला, सपा के पूर्व विधायक मशहूद खां और निर्दल जेबा रिजवान के बीच त्रिकोणीय लड़ाई नजर आई। जेबा पूर्व सांसद रिजवान जहीर की बेटी हैं। पिता के साथ हत्या के एक मामले में जेल में होने से जेबा को कई जगह सहानुभूति भी मिलती दिखी। इसी तरह उतरौला में भाजपा विधायक राम प्रताप वर्मा, सपा प्रत्याशी हसीब खान, कांग्रेस प्रत्याशी व पूर्व विधायक धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरू के बीच त्रिकोणीय लड़ाई दिखी। यहां सपा के एक पूर्व विधायक का धीरू के समर्थन की चर्चा भी खूब रही। हालांकि, पूर्व विधायक ने समर्थन की चर्चा को गलत ठहराया। गैसड़ी में भाजपा विधायक शैलेश कुमार सिंह, सपा से पूर्व मंत्री शिव प्रताप यादव और बसपा से पूर्व विधायक अलाउद्दीन खां के बीच त्रिकोणीय मुकाबला नजर आया। यहां मुस्लिम मतों में बिखराव दिखा। खासकर मुस्लिमों में चौधरी बिरादरी का वोट बसपा के पक्ष में जाता दिखा।

अंबेडकरनगर : किसी के लिए फूल, किसी के लिए कांटे
अंबेडकर नगर बसपा का गढ़ रहा है। बसपा के शुरुआती दिनों से ही हाथी के साथी रहे पूर्व मंत्री लालजी वर्मा व राम अचल राजभर और पूर्व सांसद त्रिभुवन दत्त के सपा में जाने के बाद यह पहला विधानसभा चुनाव है। लेकिन, बसपा यहां अपना बेस वोट बचाती दिखी। बसपा प्रत्याशी सभी पांच सीटों पर त्रिकोणीय लड़ाई लड़ते नजर आए। अकबरपुर में सपा के रामअचल राजभर, भाजपा के धर्मराज निषाद व बसपा के चंद्र प्रकाश वर्मा के बीच त्रिकोणीय लड़ाई नजर आई। इसी तरह कटेहरी में सपा के लालजी वर्मा, भाजपा समर्थित निषाद पार्टी के अवधेश द्विवेदी व बसपा के प्रतीक पांडेय के बीच तथा टांडा में सपा के राममूर्ति वर्मा, भाजपा के कपिल देव वर्मा व बसपा की शबाना खातून त्रिकोण बनाती दिखीं। आलापुर में भाजपा के पूर्व विधायक त्रिवेणी राम, सपा से पूर्व सांसद त्रिभुवन दत्त तथा बसपा की केशरा देवी में त्रिकोण दिखा। जलालपुर में भाजपा से निवर्तमान विधायक सुभाष राय, सपा से पूर्व सांसद राकेश पांडेय व बसपा से राजेश सिंह के बीच कड़ा मुकाबला नजर आया।

देवरिया : कृषि मंत्री को मिली कड़ी टक्कर
देवरिया सदर में यादव, सैंथवार व मुस्लिम मतदाताओं का झुकाव सपा के अजय कुमार सिंह की ओर जबकि अन्य वर्गों का रुझान भाजपा प्रत्याशी शलभ मणि त्रिपाठी की ओर नजर आया। रामपुर कारखाना में सपा प्रत्याशी गजाला लारी व भाजपा के सुरेंद्र चौरसिया के बीच सीधा मुकाबला नजर आया। यहां सपा प्रत्याशी काडर वोट के साथ ब्राह्मण मतों में भी सेंधमारी करती दिखीं। बरहज में भाजपा के दीपक मिश्रा व सपा के मुरली मनोहर के बीच लड़ाई दिखी। रुद्रपुर में भाजपा से राज्यमंत्री जय प्रकाश निषाद, भाजपा से बसपा में आए विधायक सुरेश तिवारी तथा कांग्रेस के पूर्व विधायक अखिलेश प्रताप सिंह के बीच त्रिकोणीय लड़ाई हुई है। यहां कहीं भाजपा-बसपा तो कहीं कांग्रेस और भाजपा में लड़ाई नजर आई। पथरदेवा में कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही व सपा से पूर्व मंत्री ब्रह्माशंकर त्रिपाठी के बीच कांटे की लड़ाई दिखी। यहां बसपा से पूर्व मंत्री स्व. शाकिर अली के पुत्र परवेज कई क्षेत्रों में प्रभावी रूप से लड़ते दिखे। परवेज के प्रदर्शन का असर यहां के नतीजे पर दिखना तय माना जा रहा है।

बलिया : बांसडीह में राम गोविंद को कड़ी चुनौती
बलिया की प्रतिष्ठापूर्ण बांसडीह सीट पर नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी व भाजपा समर्थित केतकी सिंह, फेफना में भाजपा से राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) उपेंद्र तिवारी व सपा के संग्राम सिंह, बलिया में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह व सपा के नारद राय और सिकंदरपुर में भाजपा के संजय यादव व सपा के जियाउद्दीन रिजवी के बीच सीधा मुकाबला नजर आया। रसड़ा में बसपा विधायक उमाशंकर सिंह, सुभासपा के महेंद्र चौहान व भाजपा के पूर्व सांसद बब्बन राजभर के बीच त्रिकोणीय लड़ाई नजर आई। बेल्थरारोड में भाजपा के छट्ठूराम, सुभासपा के हंसू राम की सीधी लड़ाई में बसपा के प्रवीण प्रकाश कई इलाकों में त्रिकोण बनाते दिखे। सबसे दिलचस्प स्थिति बैरिया में दिखी। यहां भाजपा से राज्यमंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला, सपा से पूर्व विधायक जय प्रकाश अंचल, बसपा के सुभाष यादव तथा वीआईपी के प्रत्याशी सुरेंद्र सिंह मुकाबले को चतुष्कोणीय बनाते नजर आए। सुरेंद्र भाजपा से टिकट नहीं मिलने के बाद बगावत कर वीआईपी से मैदान में हैं।

संतकबीरनगर : त्रिकोणीय लड़ाई में फंसीं सीटें
खलीलाबाद सीट से भाजपा के अंकुर राज तिवारी, सपा से दिग्विजय नारायण उर्फ जय चौबे और बसपा के आफताब आलम उर्फ गुड्डू के बीच लड़ाई नजर आई। कई क्षेत्रों में पीस पार्टी से डॉ. अयूब और आम आप से पूर्व सांसद स्व. भालचंद यादव के बेटे सुबोधचंद यादव भी अच्छा प्रदर्शन करते नजर आए। यहां यादव व मुस्लिम मतदाता कितना एकजुट रहे, इस पर नतीजा निर्भर करेगा। मेंहदावल में भाजपा और निषाद पार्टी गठबंधन के प्रत्याशी अनिल कुमार त्रिपाठी, सपा से जयराम पांडेय और बसपा से मो. ताबिश खां के बीच त्रिकोणीय लड़ाई नजर आई। धनघटा में भाजपा के गणेशचंद्र चौहान, सपा व सुभासपा गठबंधन के प्रत्याशी अलगू चौहान तथा बसपा के संतोष चौहान के बीच त्रिकोणीय लड़ाई नजर आई।

कुशीनगर : स्वामी प्रसाद मौर्य कांटे की लड़ाई में
कुशीनगर की प्रतिष्ठापूर्ण फाजिलनगर सीट पर भाजपा को छोड़कर सपा में आए पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य व भाजपा विधायक गंगा कुशवाहा के पुत्र सुरेंद्र कुशवाहा के बीच कांटे की टक्कर नजर आई। दोनों उम्मीदवार एक ही बिरादरी के हैं। कई जह कुशवाहा मतों में बिखराव, तो कुछ इलाकों में बसपा उम्मीदवार मुहम्मद इलियास अंसारी के पक्ष में मुस्लिम जाते दिखे। इसी तरह कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू तमकुहीराज से मैदान में हैं। यहां उन्हें भाजपा के डॉ. असीम कुमार व सपा के उदय नारायण गुप्ता से कड़ी चुनौती मिलती नजर आई। कुशीनगर में भाजपा के पीएन पाठक और सपा के राजेश प्रताप राव उर्फ बंटी में नजदीकी मुकाबला दिखा। हाटा में भाजपा के मोहन वर्मा व सपा के रणविजय सिंह के बीच मुकाबला नजर आया। रामकोला (सु.) में भाजपा के विनय प्रकाश गौड़ और सपा के पूर्णमासी देहाती तथा खड्ड  में भाजपा-निषाद पार्टी के उम्मीदवार विवेकानंद पांडेय व सपा के अशोक चौहान के बीच मुकाबला दिखा है।

सिद्धार्थनगर : सतीश द्विवेदी और माता प्रसाद में मुकाबला
प्रतिष्ठापूर्ण इटवा सीट पर सपा के माता प्रसाद पांडेय और भाजपा से राज्मंत्री डॉ सतीश चंद्र द्विवेदी के बीच सीधे मुकाबले को बसपा के हरिशंकर सिंह त्रिकोणीय बनाते नजर आए। डुमरियागंज में भाजपा के राघवेंद्र प्रताप सिंह व सपा की सैय्यदा खातून के बीच सीधा मुकाबला दिखा। यहां बसपा के अशोक तिवारी त्रिकोण बनाते दिखे। बांसी में स्वास्थ्य मंत्री जयप्रताप सिंह और सपा के नवीन उर्फ मोनू दूबे के बीच सीधी लड़ाई बनती नजर आई। कपिलवस्तु में भाजपा के श्यामधनी राही व सपा के विजय पासवान के बीच मुकाबला दिखा। शोहरतगढ़ में भाजपा व अपना दल (एस) प्रत्याशी विनय वर्मा, सपा-सुभासपा प्रत्याशी प्रेमचंद्र निषाद, कांग्रेस के रवींद्र प्रताप उर्फ पप्पू चौधरी तथा बसपा के राधारमण त्रिपाठी के चतुष्कोणीय लड़ाई नजर आई।

बस्ती व महराजगंज : कई जगह त्रिकोणीय लड़ाई
नौतनवां सीट पर भाजपा की सहयोगी निषाद पार्टी के ऋषि त्रिपाठी, सपा के कौशल सिंह और बसपा के अमनमणि त्रिपाठी के बीच त्रिकोणीय मुकाबला नजर आया। फरेंदा में भाजपा के बजरंग बहादुर सिंह और कांग्रेस के वीरेंद्र चौधरी के बीच कड़ा मुकाबला है। सपा के पूर्व मंत्री शंखलाल माझी लड़ाई को त्रिकोणीय बना रहे हैं। 

बस्ती के कप्तानगंज क्षेत्र में भाजपा के चंद्रप्रकाश शुक्ला और सपा के अतुल चौधरी के बीच मुकाबला दिखा। अतुल पूर्व मंत्री राम प्रसाद चौधरी के बेटे हैं। हर्रैया में भाजपा के अजय सिंह, सपा के त्रयंबकनाथ पाठक व बसपा से पूर्व मंत्री राजकिशोर के बीच मुकाबला नजर आया।



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