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Road Transport Ministry Morth Ministry Of Road Transport And Highways India Announces New Rules On Road Accident Reporting For Claim Settlement – Morth: दावा निपटान के लिए सड़क दुर्घटना रिपोर्टिंग पर नए नियमों का एलान, जानें डिटेल्स

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ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Thu, 03 Mar 2022 07:40 PM IST

सार

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) द्वारा त्वरित निपटान सुनिश्चित करने के लिए गुरुवार को एक अधिसूचना जारी की है।

सड़क दुर्घटना

सड़क दुर्घटना
– फोटो : अमर उजाला

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सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने गुरुवार को कहा कि उसने एक अधिसूचना जारी की है जिसमें सड़क दुर्घटनाओं की विस्तृत जांच की प्रक्रिया, विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट (डीएआर) और इसकी रिपोर्ट कैसे की जाती है – शामिल सभी पक्षों के लिए अलग-अलग समयसीमा के साथ बताया गया है। ऐसा मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) द्वारा त्वरित निपटान सुनिश्चित करने के लिए किया गया है।

महत्वपूर्ण कदमों में से एक यह है कि व्हीकल इंश्योरेंस सर्टिफिकेट (वाहन बीमा प्रमाणपत्र) में एक मान्य मोबाइल नंबर देना अनिवार्य होगा। जब किसी जांच अधिकारी को किसी दुर्घटना की सूचना मिलती है, तो उसे दुर्घटना के स्थान, उसमें शामिल वाहनों की तस्वीरें लेनी होंगी और एक साइट योजना तैयार करनी होगी। किसी घायल व्यक्ति की तस्वीरें भी अस्पताल में लेनी होंगी। चश्मदीदों से बात कर आगे की पूछताछ भी करनी होगी।

अधिसूचना में आगे कहा गया है कि जांच अधिकारी को पहली दुर्घटना रिपोर्ट या फॉर्म I में एफएआर जमा करके दुर्घटना के 48 घंटे के भीतर क्लेम ट्राइब्यूनल (दावा न्यायाधिकरण) को सूचित करना होगा। इस फॉर्म I की एक प्रति पीड़ित या पीड़ितों, राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण और बीमाकर्ता को भी देनी होगी। साथ ही यह राज्य पुलिस की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा।

जहां तक शामिल वाहन के चालक का संबंध है, उसे फॉर्म III की एक ब्लैंक कॉपी (खाली प्रति) देनी होगी और इसमें जरूरी जानकारी भरना होगा और दुर्घटना के 30 दिनों के भीतर पुलिस को वापस जमा करना होगा।

विस्तार

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने गुरुवार को कहा कि उसने एक अधिसूचना जारी की है जिसमें सड़क दुर्घटनाओं की विस्तृत जांच की प्रक्रिया, विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट (डीएआर) और इसकी रिपोर्ट कैसे की जाती है – शामिल सभी पक्षों के लिए अलग-अलग समयसीमा के साथ बताया गया है। ऐसा मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) द्वारा त्वरित निपटान सुनिश्चित करने के लिए किया गया है।

महत्वपूर्ण कदमों में से एक यह है कि व्हीकल इंश्योरेंस सर्टिफिकेट (वाहन बीमा प्रमाणपत्र) में एक मान्य मोबाइल नंबर देना अनिवार्य होगा। जब किसी जांच अधिकारी को किसी दुर्घटना की सूचना मिलती है, तो उसे दुर्घटना के स्थान, उसमें शामिल वाहनों की तस्वीरें लेनी होंगी और एक साइट योजना तैयार करनी होगी। किसी घायल व्यक्ति की तस्वीरें भी अस्पताल में लेनी होंगी। चश्मदीदों से बात कर आगे की पूछताछ भी करनी होगी।

अधिसूचना में आगे कहा गया है कि जांच अधिकारी को पहली दुर्घटना रिपोर्ट या फॉर्म I में एफएआर जमा करके दुर्घटना के 48 घंटे के भीतर क्लेम ट्राइब्यूनल (दावा न्यायाधिकरण) को सूचित करना होगा। इस फॉर्म I की एक प्रति पीड़ित या पीड़ितों, राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण और बीमाकर्ता को भी देनी होगी। साथ ही यह राज्य पुलिस की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा।

जहां तक शामिल वाहन के चालक का संबंध है, उसे फॉर्म III की एक ब्लैंक कॉपी (खाली प्रति) देनी होगी और इसमें जरूरी जानकारी भरना होगा और दुर्घटना के 30 दिनों के भीतर पुलिस को वापस जमा करना होगा।



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